domingo, 10 de julio de 2016

Nisa Katwal
आगो झैँ सपना जल्यो भने…
माया को संसार दिन झैँ ढल्यो भने..
कहाँ पुग्ने होला हाम्रो जोडियको नाता…
भित्रि मन मा आधि बताश चल्यो भने ,,,,,
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